Responsive

What is GI Tag in Hindi [ Geographical Indication Tag Kya Hai ]

GI Tag PDF in Hindi

0

भौगोलिक संकेत What is GI Tag ? Geographical Indication Tag Kya Hai, जीआई टैग का उपयोग क्यों किया जाता है, जीआई टैग किसके द्वारा प्रदान किया जाता है, और इसके फायदे क्या है ? GI Tag List in Hindi आदि जीआई टैग संबंधित सभी जानकारी इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे ! जो आपके परीक्षाओं और अन्य व्यवसाय के लिए बहुत ही उपयोगी है |

जरुर पढ़े :-

Responsive

What is GI Tag in Hindi :-

  • भौगोलिक संकेतक (GI Tag यानी Geographical Indication) किसी वस्तु उत्पाद की किसी विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में हुई उत्पन्न तथा उससे जुड़े गुणों को सूचित करने हेतु उपयोग किया जाता है |
  • यह उस उत्पाद को दिया जाता है जो विशिष्ट भौगोलिक क्षेत्र में 10 वर्ष या अधिक समय से निर्मित, उत्पादित करते है|
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसे WTO के TRIPS पर समझौते के तहत उपयोग किया जाता है |
  • राष्ट्रीय स्तर पर GI ACT 1999 के तहत 15 सितंबर 2003 में अधिनियमित कर दिया गया|
What is GI Tag in Hindi [ Geographical Indication Tag Kya Hai ]
First GI Tag in India :-
  • भारत में सबसे पहलें GI Tag – 2004 में दार्जलिंग टी को दिया गया|
  • जम्मू और कश्मीर की पश्चिमी वालनट की लकड़ी पर नक्काशी, सिक्किम की बड़ी इलायची, मैसूर के रेशम, जयपुर के ब्यू मिट्टी के बर्तन, गोवा की फेनी और राजस्थान की थेवा पेंटिंग आदि को दिया गया है|
  • इसके बाद से एक के बाद एक एप्लीकेशन आते गये और मानकों के आधार पर उन्हें गई टैग प्रदान किया जाता रहा|

GI Tag List 2019 in Hindi

महत्व
शहर

तिरूर पान का पत्ता

केरल
ताहलोपुआन फैब्रिक

मिजोरम

पुआनचेई शाल

मिजोरम
पंचतीर्थम

मुरुगन मंदिर (तमिलनाडु)

ओडिशा

रसगुल्ला
कोल्हापुरी चप्पल

महाराष्ट्र एवं कर्नाटक

मरयूर गुड़

केरल
कंधमाल हल्दी

ओडिशा (कंधमाल)

कांगड़ा पेंटिंग

हिमाचल प्रदेश
जोहा धान चावल

असम

नागपुरी संतरा

महाराष्ट्र
तिरुपति लडडू

चित्तूर आंध्र प्रदेश

काला जीरा

हिमाचल प्रदेश
वायनाड रोबस्टा

केरल

सिरसी सुपारी

कर्नाटक
इरोड हल्दी

कोयंबटूर चेन्नई

इसे पढ़े :-

GI Tag List 2018 

Responsive

Geographical Indications

Details

1Darjeeling Tea (Word)View
3Aranmula KannadiView
4Pochampally IkatView
5Salem FabricView
6Payyannur Pavithra RingView
7Chanderi SareesView
8Solapur ChaddarView
9Solapur Terry TowelView
10Kotpad Handloom fabricView
11Mysore SilkView
12Kota DoriaView
13Mysore AgarbathiView
15Kancheepuram SilkView
16Bhavani JamakkalamView
17Navara RiceView
19Kullu ShawlView
20BidriwareView
21Madurai SungudiView
22Orissa IkatView
23Channapatna Toys & DollsView
24Mysore Rosewood InlayView
25Kangra TeaView
26Coimbatore Wet GrinderView
27PhulkariView
28Srikalahasthi KalamkariView
29Mysore Sandalwood OilView
30Mysore Sandal soapView

Benefits of GI Tag in Hindi :-

  • GI टैग मिलने के बाद अंतर्राष्ट्रीय मार्केट में उस वस्तु की कीमत और उसका महत्व बढ़ जाता है|
  • इस वजह से इसका एक्सपोर्ट बढ़ जाता है. साथ ही देश-विदेश से लोग एक खास जगह पर उस विशिष्ट सामान को खरीदने आते हैं|
  • इस कारण टूरिज्म भी बढ़ता है. किसी भी राज्य में ये विशिष्ट वस्तुएं उगाने या बनाने वाले किसान और कारीगर गरीबी की रेखा के नीचे आते हैं|
  • GI टैग मिल जाने से बढ़ी हुई एक्सपोर्ट और टूरिज्म की संभावनाएं इन किसानों और कारीगरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाती हैं|
  • इत्यादि इसलिए जीआई टैग के फायदे है |

अवश्य पढ़े इन्हें :-

हमें 4/5 star रेटिंग देकर बताए, आपको यह पोस्ट कैसी लगी :-

आपका Rating हमारे लिए बहुत ही महत्वपूर्ण है !

हमसे जुड़ें, हमें फॉलो करे
  • Telegram पर फॉलो करे – Click Here
  • Facebook पर फॉलो करे – Click Here
  • Facebook ग्रुप ज्वाइन करे – Click Here

हमें फॉलो करे सोशल मीडिया साईट पर, और प्रति-दिन फ्री में करंट आफिर्स, नोट्स पीडीऍफ़ प्राप्त करे.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

error: कृपया उचित स्थान पर Click करे !!